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दिमाग में अकà¥à¤¸à¤° कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ आती हैं सिरà¥à¤« नेगेटिव बातें? साइकोलॉजी में है इसका इलाज à¤à¥€
जब à¤à¥€ आपका मन घबराता है, कà¥à¤¯à¤¾ आप à¤à¥€ सबसे बà¥à¤°à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के बारे में सोचने लगती हैं? आंख बंद करने पर à¤à¥€ कà¥à¤› अचà¥à¤›à¤¾ नहीं दिखता, बलà¥à¤•ि बà¥à¤°à¥€ चीज़ों का ही खà¥à¤¯à¤¾à¤² आता है। जैसे कोई घर से बाहर गया है तो कहीं उसका à¤à¤•à¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट तो नहीं हो जाà¤à¤—ा या फिर कोई बहà¥à¤¤ देर तक फोन ना उठाà¤à¤‚ तो कà¥à¤¯à¤¾ उसके साथ कà¥à¤› गलत तो नहीं हो गया? या अगर रिजलà¥à¤Ÿ आने वाला तो खà¥à¤¦ का फ़ेल होना ही नज़र आता है? कà¥à¤› अचà¥à¤›à¥€ चीज़ à¤à¥€ हो रही हो जो उसकी बà¥à¤°à¥€ साइड ही दिमाग में आती रहती है। अगर à¤à¤¸à¤¾ है तो डरने की कोई बात नहीं है। ये बिलकà¥à¤² नॉरà¥à¤®à¤² है।
हम सà¤à¥€ के मन में नेगेटिव विचार आते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में अकà¥à¤¸à¤° हमारे आस-पास वाले à¤à¤• ही सलाह देते हैं, ‘अरे अचà¥à¤›à¤¾ अचà¥à¤›à¤¾ सोचो। नेगेटिव मत सोचो’। वाओ, जैसे हमें तो ये तरीका पता ही नहीं था!
बेहद ज़रूरी है आपके लिठहर सà¥à¤¬à¤¹ खà¥à¤¦ से बात करना - रिसरà¥à¤š
लेकिन सवाल ये है कि किसी à¤à¥€ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में हम अचà¥à¤›à¥€ पॉसिबिलिटी की बजाय सबसे बà¥à¤°à¤¾ रिजलà¥à¤Ÿ ही कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ सोचते हैं? हमारे दिमाग को नेगेटिव खà¥à¤¯à¤¾à¤²à¥‹à¤‚ से इतना लगाव कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ है?
साइकोलॉजी इसे कहती है ‘नेगेटिव बायस’
साइकोलॉजिसà¥à¤Ÿà¥à¤¸ पॉल रोज़िन और à¤à¤¡à¤µà¤°à¥à¤¡ रोइज़मैन ने इसे नाम दिया ‘नेगेटिव बायस’ यानि दिमाग का नेगेटिव खà¥à¤¯à¤¾à¤²à¥‹à¤‚ की तरफ à¤à¥à¤•ाव। नाम à¤à¤²à¥‡ ही इसे अब मिला हो लेकिन सà¤à¥€ के दिमाग में अचà¥à¤›à¥‡ से पहले बà¥à¤°à¥‡ खà¥à¤¯à¤¾à¤² आने की बात बाबा आदम के ज़माने से चली आ रही है।
इसकी वजह अब इन वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों ने सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ की है। वजह ये है कि हमारे दिमाग पर अचà¥à¤›à¥€ घटनाओं से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ असर बà¥à¤°à¥€ घटनाओं का पड़ता है। दरअसल अचà¥à¤›à¥€ घटनाओं को दिमाग सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रख लेता है लेकिन उसे लगता है कि हर बà¥à¤°à¥€ घटना से उसे हमारे शरीर को बचाना होगा। इसीलिठबà¥à¤°à¥€ घटना होने पर दिमाग ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ हो जाता है और वो बात लमà¥à¤¬à¥‡ समय के लिठहमारी सोच का हिसà¥à¤¸à¤¾ बन जाती है।
पीरियडà¥à¤¸ के दौरान सेकà¥à¤¸ को लेकर सोच-विचार? ये कारण बदल देंगे आपकी सोच
उदहारण के लिठज़रा ये सोचिà¤à¥¤ किसी दिन आप ऑफिस में बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¥‡ से तैयार होकर गईं। हर किसी ने आपके लà¥à¤•à¥à¤¸, आपके बालों और आपके कपड़ों की दिल खोलकर तारीफ़ की। लेकिन घर वापस लौटते हà¥à¤ किसी पड़ोसी आंटी ने कह दिया कि ये रंग आप पर अचà¥à¤›à¤¾ नहीं लग रहा है! घर लौटने से लेकर सोते समय तक आपके दिमाग में कौन सी बात घूमेगी? आपकी बेसà¥à¤Ÿ फ़à¥à¤°à¥‡à¤‚ड का ये कहना कि आप करीना कपूर जैसी लग रही हैं या उन अनजान आंटी की टिपà¥à¤ªà¤£à¥€?
हमारा दिमाग हमें हर बà¥à¤°à¥€ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रखने के लिठइतना आतà¥à¤° होता है कि हम बà¥à¤°à¥€ ख़बरों और बà¥à¤°à¥‡ हालात से चिपक जाते हैं और अचà¥à¤›à¥€ बातें सà¥à¤¨ à¤à¥€ नहीं पाते।
ऑफ़िस जाते वकà¥à¤¤ कà¥à¤¯à¤¾ आपको à¤à¥€ आते हैं ये अजीबोगरीब ख़à¥à¤¯à¤¾à¤²
ये हमारी जिंदगी को कैसे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है?
नेगेटिव बायस हमारे काम कर पाने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾, निरà¥à¤£à¤¯ लेने की शकà¥à¤¤à¤¿, आपसी रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ और हमारी खà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। हमारे दिमाग का दो-तिहाई हिसà¥à¤¸à¤¾ सिरà¥à¤« बà¥à¤°à¥€ खबरों पर ही फोकस करने लगता है, जिससे हम अचà¥à¤›à¥€ घटनाओं की जगह बà¥à¤°à¥€ घटनाओं को ही आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ करते हैं।
किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से कह देना कि ‘पॉजिटिव सोचो’ कोई मदद नहीं करता। अगर वो सोच पाते तो जरूर सोच रहे होते! हमारे पूरà¥à¤µà¤œ जो गà¥à¤«à¤¾à¤“ं में रहते थे, उनका दिमाग हमेशा किसी खतरे पर ही फोकस रहता था। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना पड़ता था कि उनका सामना किसी जंगली जानवर से न हो जाठया उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अगले टाइम का à¤à¥‹à¤œà¤¨ मिलेगा या नहीं। हमारे दिमाग में अà¤à¥€ à¤à¥€ उस काल की घटनाà¤à¤‚ छिपी हà¥à¤ˆ हैं।
कैसे निपटें नेगेटिव बायस से?
हम सà¤à¥€ अपने जीवन में कम या जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नेगेटिव होते हैं। लेकिन घबराइठनहीं। कà¥à¤› आसान से टिपà¥à¤¸ से आप अपने सोचने-समà¤à¤¨à¥‡ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को बेहतर इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर पाà¤à¤‚गे।
1. खà¥à¤¦ से नेगेटिव बातें करना बंद करें
जब आपके साथ कà¥à¤› बà¥à¤°à¤¾ होता है और आप उस बारे में सोचने से खà¥à¤¦ को नहीं रोक पाते, देखिठकि आप खà¥à¤¦ के बारे में किस à¤à¤‚गल से सोच रहे हैं? कà¥à¤¯à¤¾ आप खà¥à¤¦ को इस घटना के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° मानते हà¥à¤ कोस रहे हैं?
अगर à¤à¤¸à¤¾ है तो रà¥à¤• जाइà¤à¥¤
जब à¤à¥€ आप किसी बà¥à¤°à¥€ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में फंसें, खà¥à¤¦ को कोसना सबसे पहले बंद करें। खà¥à¤¦ को समà¤à¤¾à¤à¤‚ कि कà¥à¤› चीजें आपके कंटà¥à¤°à¥‹à¤² में नहीं होतीं। खà¥à¤¦ को माफ़ करना सीखें। माना कि ये बेहद मà¥à¤¶à¥à¤•िल है, लेकिन उतना ही ज़रूरी à¤à¥€à¥¤
2. हर घटना की अचà¥à¤›à¤¾à¤ˆ और बà¥à¤°à¤¾à¤ˆ दोनों बताà¤à¤‚
जब à¤à¥€ आप किसी बà¥à¤°à¥€ घटना के बारे में दूसरों को बताà¤à¤‚, धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि उसके अचà¥à¤›à¥‡ और बà¥à¤°à¥‡ दोनों पहलू बताà¤à¤‚। जब हम ज़ोर से किसी घटना के बारे में बोलते हैं, दूसरों से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उसका असर हम पर पड़ता है। इसलिठसिरà¥à¤« दूसरों को ही नहीं, बलà¥à¤•ि खà¥à¤¦ को à¤à¥€ à¤à¤¸à¥€ घटनाओं की अचà¥à¤›à¤¾à¤ˆ और बà¥à¤°à¤¾à¤ˆ दोनों बताà¤à¤‚। इससे आपको खà¥à¤¦ के बारे में कम नेगेटिव महसूस होगा।
3. नये तरीकों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें
जब à¤à¥€ आपको महसूस हो कि आप नेगेटिव खà¥à¤¯à¤¾à¤²à¥‹à¤‚ के बीच फंस रही हैं, कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ काम करें जिनसे आपको खà¥à¤¶à¥€ महसूस हो। टहलें, मà¥à¤¯à¥‚जिक सà¥à¤¨à¥‡à¤‚, कोई मज़ेदार टीवी शो देखें या कà¥à¤› हलà¥à¤•ा-फà¥à¤²à¥à¤•ा पà¥à¥‡à¤‚। इससे आपका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ बà¥à¤°à¥‡ खà¥à¤¯à¤¾à¤²à¥‹à¤‚ से दूर होगा और आपका मन शांत रहेगा।
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